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लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना ही पारित कर दिया गया। यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री की बात नहीं सुनाए जाने के बावजूद धन्यवाद प्रस्ताव पास हो गया। पिछली बार ऐसा 10 जून 2004 को हुआ था, जब तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने से रोक दिया गया था।
बजट सत्र के सातवें दिन लोकसभा में पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे की किताब और भारत-अमेरिका संभावित ट्रेड डील को लेकर विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। लोकसभा शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी की, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर बाद बजट पर चर्चा फिर शुरू हो सकती है। राज्यसभा में भी राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोकने के मुद्दे पर हंगामा हुआ।
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संदीप पाठक ने बच्चों के गायब होने का मामला उठाया और कहा कि हर आठ मिनट में एक बच्चा लापता हो रहा है। वहीं, कांग्रेस के निलंबित सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि जब तक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बात करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, तब तक विपक्ष पीएम मोदी को बोलने नहीं देगा। उन्होंने लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया की निंदा भी की।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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