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वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में सरकारी विभागों द्वारा अनावश्यक खर्च किए जाने पर वित्त विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने आदेश जारी कर 15 फरवरी के बाद सभी तरह की सरकारी खरीदी पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने साफ कहा है कि कई कार्यालय केवल बजट उपयोग करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में ऐसी सामग्री खरीद लेते हैं, जिसकी तत्काल आवश्यकता नहीं होती, जिससे सरकारी राशि बेवजह अवरुद्ध हो जाती है।
वित्त विभाग ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया है कि 15 फरवरी तक जारी किए गए सभी खरीदी आदेशों का भुगतान अनिवार्य रूप से 15 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। विभाग का कहना है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए यह कदम जरूरी है, क्योंकि यह प्रवृत्ति शासन के हित में नहीं है।
हालांकि, कुछ आवश्यक सेवाओं और योजनाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाएं, नाबार्ड, सिडबी, राष्ट्रीय आवास बैंक व केंद्रीय सहायता पोषित योजनाएं, जेलों, अस्पतालों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी आवश्यक खरीदी, साथ ही लोक भवन, विधानसभा सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास, मुख्यमंत्री सचिवालय और न्यायालयों से संबंधित जरूरी व्यय पर यह नियम लागू नहीं होगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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