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ग्रामीण आजीविका मिशन में फर्जी भुगतान और करीब 2.80 लाख रुपये के गबन के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिला प्रबंधक (कृषि) महेन्द्र कुमार बारसकर की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। जांच में दोहरे भुगतान, बिना स्वीकृति राशि निकासी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर के आदेश से साफ संदेश गया है कि शासकीय योजनाओं में लापरवाही और गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह मामला तब उजागर हुआ जब ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े फर्जी भुगतान की खबर सामने आई। जांच में पाया गया कि प्रशिक्षण व्यय और मानदेय की राशि का एक बार भुगतान होने के बावजूद उसी दावे का दोबारा भुगतान कर दिया गया, जिससे 1,43,440 रुपये का गबन हुआ। इसके अलावा बिना सक्षम स्वीकृति के 1,36,683 रुपये का भुगतान किया गया। इस तरह कुल 2,80,123 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।
शिकायत के बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान बिल, वाउचर, कैश बुक, लेजर और बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं रहा। इसके बाद जिला पंचायत के निर्देश पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी के अनुसार फर्जी बिल और वाउचर के आधार पर राशि निकासी की पुष्टि हुई है, मामले में धारा 316(5) बीएनएस के तहत जांच जारी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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