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मध्यप्रदेश में अब पीएम ई-बस सेवा का संचालन नगरीय विकास विभाग के बजाय सुगम परिवहन सेवा के लिए गठित कंपनियों द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में एक राज्य स्तरीय कंपनी और इसके अधीन सात सहायक कंपनियां बनाई गई हैं। इन कंपनियों के जरिए अब प्रदेश के आठ शहरों में चलने वाली 972 ई-बसों का संचालन किया जाएगा। इससे पहले यह जिम्मेदारी नगरीय विकास विभाग के पास थी।
अगस्त 2025 में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड का पंजीकरण हो गया है। इसके अधीन इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में सात सहायक कंपनियों का गठन किया गया है। इन कंपनियों ने पुराने शहर बस कंपनियों के शेयरहोल्डिंग में परिवर्तन कर नए सिरे से ट्रैफिक सर्वे और बस रूट तथा बस फ्रिक्वेंसी तय करने का काम शुरू कर दिया है।
केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रदेश के आठ नगर निगमों में 972 ई-बसें चलाने की मंजूरी दी है। इंदौर को सबसे ज्यादा 270, भोपाल को 195, जबलपुर को 200, ग्वालियर और उज्जैन को 100-100, सागर को 32, देवास को 55 और सतना को 20 ई-बसें मिली हैं। इन शहरों में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन की अधोसंरचना जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ई-बस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, जिससे यह परियोजना पर्यावरण और यात्री सुविधा दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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