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छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ के उद्घाटन कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, अंतरिक्ष यात्री और अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपने मिशन के बाद यह उनकी पहली छत्तीसगढ़ यात्रा है और इस स्पेस सेंटर की शुरुआत का हिस्सा बनना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि यह पहल बच्चों और युवाओं में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी, जो देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार और ISRO की ओर से मजबूत और निरंतर समर्थन देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, नेतृत्व की स्पष्ट सोच है कि भारत के अंतरिक्ष मिशन सफल हों और देश वैश्विक स्तर पर अग्रणी बने। उन्होंने कहा कि जब नीति स्तर पर इतना भरोसा और सहयोग मिलता है, तो वैज्ञानिकों और संस्थानों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे इन अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दें।
भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर बात करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और उभरती हुई शक्ति के रूप में देख रही है। उन्होंने बताया कि मानव अंतरिक्ष मिशन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं, क्योंकि इनमें जीवन रक्षक प्रणालियों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। ऑक्सीजन सप्लाई, कार्बन डाइऑक्साइड नियंत्रण, तापमान और आर्द्रता जैसी व्यवस्थाएं अभी परीक्षण और विकास के चरण में हैं, जिन्हें शुरुआती मिशनों के जरिए परखा जा रहा है, ताकि भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजा जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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