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दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को साफ कर दिया है कि निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने वाला नया कानून शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लागू नहीं किया जाएगा। यह कानून अब अगले सत्र 2026-27 से प्रभाव में आएगा। सोमवार को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें सरकार की ओर से बताया गया कि चालू शैक्षणिक वर्ष में इसे लागू करना व्यावहारिक नहीं होगा।
जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के समक्ष एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस का निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 को इस वर्ष लागू न करने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब इस मामले में किसी अतिरिक्त आदेश की आवश्यकता नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून से जुड़े सभी मुद्दों को दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष उठाने को कहा है, जहां पहले से ही कई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने 8 जनवरी को निजी स्कूलों को फीस रेगुलेशन कमेटी बनाने के निर्देश पर रोक लगाने से इनकार किया था, हालांकि इसके लिए समय सीमा बढ़ा दी गई थी। नया कानून फीस निर्धारण में पारदर्शिता, अतिरिक्त शुल्क पर रोक और कैपिटेशन फीस खत्म करने जैसे अहम प्रावधानों से जुड़ा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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