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मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सोमवार सुबह से कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलीं और मावठे की बारिश शुरू हो गई। टिकमगढ़ में सुबह से ही काले बादल छाए रहे और बारिश का दौर जारी रहा, जिससे फूल अवस्था में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। वहीं नीमच के जीरन क्षेत्र में ओलावृष्टि से सड़क पर बर्फ जैसी चादर बिछ गई और अफीम की फसल प्रभावित हुई।
राजधानी भोपाल में बादलों के कारण ठंड से कुछ राहत मिली है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में बारिश की संभावना जताई है। मुरैना में रातभर हुई बारिश से जलभराव की स्थिति बनी, जबकि सुबह घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी 50 मीटर तक सिमट गई। ग्वालियर में बर्फीली हवाओं और हल्की बारिश से ठंड फिर बढ़ गई है, वहीं सीहोर और अंबाह में भी कोहरे की चादर छाई हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से 10 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 फरवरी को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के जिलों में बारिश के आसार हैं, 4 फरवरी को भी कुछ इलाकों में बूंदाबांदी संभव है। हालांकि 5 फरवरी को बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन सर्द हवाओं के चलते ठंड का असर और बढ़ सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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