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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में मध्यप्रदेश के लिए कई अहम संकेत मिले हैं। मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के छह मंत्रियों में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय संभाल रहे शिवराज सिंह चौहान के विभाग को सबसे अधिक बजट मिला है। बजट में के-2 और के-3 श्रेणी के शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश के करीब 10 शहरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय को मिला रिकॉर्ड बजट
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 1,30,561.38 करोड़ रुपये और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के लिए 9,967.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तरह केवल कृषि से जुड़े विभागों को कुल 1,40,528.78 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 1,97,023.14 करोड़ रुपये है, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 1,94,368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये शामिल हैं।
अन्य मंत्रियों के विभागों को भी मिला मजबूत समर्थन
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और दूरसंचार विभाग को कुल 1,02,267.02 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6,812.30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को 15,357.31 करोड़, जनजातीय कार्य मंत्री डीडी उइके को 15,421.97 करोड़ और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के विभाग को 28,183.06 करोड़ रुपये का बजट मिला है। वहीं राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन के सूचना एवं प्रसारण विभाग को 4,551.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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