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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन पर संकट गहरा गया है। चुनाव आयोग द्वारा चल रही SIR (Special Summary Revision) प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है, जिससे तय समय पर अंतिम मतदाता सूची जारी करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। लाखों नोटिस अभी भी लंबित हैं और सुनवाई का काम अधूरा है, जो चुनावी तैयारियों पर सीधा असर डाल सकता है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 65,78,058 SIR नोटिस जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 32,49,091 नोटिस ही मतदाताओं तक पहुंच पाए हैं। बाकी 33,28,967 नोटिस अब भी डिलीवर नहीं हो सके हैं। इसके अलावा 74,19,356 मामलों में सुनवाई लंबित है। जो नोटिस डिलीवर हुए हैं, उनमें से भी केवल लगभग 40% मामलों में सुनवाई पूरी हुई है, जिससे प्रक्रिया की सुस्ती स्पष्ट होती है।
उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद और नदिया जैसे बड़े जिलों में नोटिस डिलीवरी और सुनवाई की स्थिति बेहद खराब है। चुनाव आयोग ने अतिरिक्त माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात करने और सुनवाई केंद्र बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 14 फरवरी तक अंतिम सूची प्रकाशित करना मुश्किल है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी और प्रशासन को कानून के अनुसार निडर होकर कार्य करने के निर्देश दिए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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