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रेलवे स्टेशन और जिला न्यायालय भोपाल में बम की सूचना देकर शहर में दहशत फैलाने और पुलिस को गुमराह करने वाले को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। ज्यादती के आरोपी ने अपने एक परिचित से 15 हजार रुपए उधार लिए थे। उसे लगा था कि पुलिस को उसका नाम बताने से पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी और उसे उधारी नहीं चुकानी पड़ेगी। यह खुलासा आरोपी ने खुद पुलिस की पूछताछ में किया। इसके लिए वह तीन महीने से तैयारी कर रहा था।
एएसपी क्राइम ब्रांच रश्मि मिश्रा के अनुसार 27 और 29 मई को दो दिन के अंदर पहले रेलवे स्टेशन और फिर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शहर में दहशत फैल गई थी। एक अनजान नंबर से डायल-100 को फोन करने वाले ने बताया था कि उसे एक नंबर से यह धमकीभरा फोन आया था। पुलिस को घंटों की तलाशी के बाद बम तो नहीं मिला, लेकिन फोन नंबर के आधार पर एक को गिरफ्तार कर लिया। यहां पुलिस ने सूचनाकर्ता से मिले मोबाइल फोन नंबर के आधार पर एक और को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों की इस मामले में संलिप्तता नहीं मिली, जबकि उपयोग किया गया मोबाइल नंबर तो तीन महीने पहले ही गुम हो चुका था, जिसकी कोलार थाने में शिकायत भी दर्ज थी। इस आधार पर क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद बावड़िया कला, शाहपुरा निवासी धरम पिता शंकर लाल यादव (25) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बम की झूठी सूचना देना कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने परिचित भोला उर्फ राकेश कुमार से 15 हजार रुपए उधार लिए थे। वह ज्यादती के मामले में जेल में था। उस दौरान भोला उसके घर आकर पत्नी को परेशान करता था। इसलिए उसने उसे फंसाने के लिए डायल-100 को फोन कर भोला का नंबर बताते हुए बम की झूठी सूचना दी थी। क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के बाद आरोपी को एमपी नगर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने धरम के खिलाफ पुलिस से झूठी शिकायत करने, पुलिस को गुमराह करने और फोन पर धमकी देकर दहशत फैलाने का मामला दर्ज किया है।
मूलतः छत्तीसगढ़ निवासी धरम मजदूरी करता है। उसे तीन महीने पहले एक सिम मिली थी। इससे उसने सबसे पहले डायल-100 को कॉल लगाया। उसने बताया कि उसके पास सरकारी जमीन है। उस पर कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं। वह इसकी शिकायत कहां करे। इसके लिए उसने भोला का नंबर बता दिया था। इसके बाद उसने सीएम हेल्प लाइन पर भी फोन करके जमीन संबंधी शिकायत की थी। यह जमीन भोला की ही थी।
आरोपी धरम ने भोला को फंसाने के लिए पूरा जाल बिछा लिया था। उसने एक ही सिम को दो अलग-अलग मोबाइल फोन में उपयोग किया। पहले से उसने रेलवे स्टेशन और दूसरे से जिला न्यायालय बम होने की धमकी दी थी। बीच-बीच में धरम ने अपना मोबाइल फोन दूसरों को भी उपयोग के लिए दिया था। ऐसे में पुलिस ने उन सभी को गिरफ्तार किया, जिसने मोबाइल फोन का उपयोग किया। करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेने के बाद ही क्राइम ब्रांच मुख्य आरोपी धरम तक पहुंच पाई। धरम ने पुलिस से बचने के लिए सिम भी जमीन के अंदर दबा दी थी।
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