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इंदौर में तेजाजी नगर क्षेत्र में आदिवासी होस्टल में एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, इसलिए आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला। छात्रा की सहेलियों का कहना है कि वह पैरों में सूजन की परेशान थी। वह रात को अपनी सहेलियों से दवा लाने का बोल कर निकली थी। बाद में बाथरुम में जाकर फांसी लगा ली। तेजाजी नगर पुलिस के अनुसार शिवानी मूल रुप से धार जिले के पिपरी गांव की है और इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसकी उम्र 16 वर्ष थी। वह मोरोद के होस्टल में रह रही थी। रात को उनसे बाथरूम में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। होस्टल प्रबंधन को जब इसका पता चला तो कर्मचारियों ने उसे फंदे से निकाला और अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। होस्टल वार्डन ने शिवानी के परिजनों को इसकी जानकारी दी और वे भी इंदौर आ गए। शिवानी के पिता एक शिक्षक है और परिवार में एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। पुलिस के अनुसार शिवानी ने देर रात को फांसी लगाई, क्योकि रात दस बजे वह अपनी सहेलियों से मिली थी और दवा लेने का बोली थी। उसके बाद उनसे बाथरूम में जाकर फांसी लगा ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सहेलियों ने पुलिस को बताया कि शिवानी पैरों की सूजन की बीमारी से परेशान थी, लेकिन कभी तनाव में नजर नहीं आई। पुलिस अन्य एंगल पर भी जांच कर रही है। पुलिस ने छात्रा को मोबाइल जब्त किया है और उसने आत्महत्या से पहले किन लोगों से बात की। इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। परिजनों ने बताया कि शिवानी पढ़ाई मेें होशियार थी, इसलिए उसे पढ़ने इंदौर में भेजा था
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