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धूलकोट में आदिवासी समाज ने मनाया ‘गुड़ तोड़’ उत्सव, जुटा पूरा गांव
The tribal community in Dhulkot celebrated the

 

 

खरगोन के भगवानपुरा तहसील के धूलकोट गांव में फाग उत्सव के दूसरे दिन आदिवासी भिलाला समाज की अनूठी परंपरा ‘गुड़ तोड़’ का आयोजन हुआ। यह परंपरा हर दो वर्ष में मनाई जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में समाजजन और आसपास के जिलों से लोग इस कार्यक्रम को देखने पहुंचे। पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

 

कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान और भूमि पूजन के साथ हुई। इसके बाद बाजार चौक में करीब 12 फीट ऊंचा खंभा गाड़ा गया। खंभे के ऊपरी हिस्से में लाल कपड़े में गुड़ और चने की पोटली लटकाई गई। यही पोटली उतारना ‘गुड़ तोड़’ परंपरा का मुख्य आकर्षण होता है और इसका रोमांच दर्शकों के लिए सबसे बड़ा उत्सव बन जाता है।

 

पोटली को उतारने के लिए युवाओं की टीमें आगे बढ़ती हैं, लेकिन इस दौरान महिलाएं और बालिकाएं उन्हें सोटियों की मार देती हैं। सोटियों की मार से बचते हुए युवाओं को खंभे तक पहुंचकर पोटली उतारनी होती है। इसी वजह से यह आयोजन न केवल रोमांचक बनता है बल्कि समाज की सांस्कृतिक झलक भी दिखाता है।

Priyanshi Chaturvedi 11 March 2026

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