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मुरैना। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले में चम्बल, क्वारी, आसन व सांक नदियां उफान पर हैं। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चम्बल का जल स्तर लगभग 7 फुट से ऊपर बढ़ गया। हालांकि चम्बल अभी भी खतरे के निशान से 7 मीटर नीचे बह रही है। लगातार पानी बढऩे की संभावनाऐं व्यक्त की जा रहीं हैं। चम्बल का जल स्तर बढऩे से तटीय गांवों में पानी पहुंचने की संभावनाऐं अधिक हैं। लगभग आधा सैकड़ा गांव चम्बल की बांढ़ से प्रभावित होते हैं।
मुरैना के राजघाट के आज सुबह 8 बजे चम्बल का जल स्तर 128.70 मीटर पर था। वहीं दोपहर 2 बजे यह जल स्तर 130.80 मीटर पर पहुंच गया। चम्बल में खतरे का निशान 138 मीटर पर हैं। चम्बल में यह पानी मध्यप्रदेश के निमाण तथा राजस्थान के क्षेत्र से बढ़ रहा है। कोटा-बेराज से पानी खोला गया तब खतरे के निशान को पार करने की अधिक संभावनाऐं बन जायेंगी।
मुरैना में चम्बल के साथ आसन, सांक नदियां भी उफान पर हैं, लेकिन सबसे ज्यादा क्वारी नदी गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। क्वारी नदी का जल स्तर सबलगढ़ तहसील के रामपुर गांव के पास जमीन से 55 फुट ऊपर पहुंच गया है। रामपुर का शमशान व हनुमान मंदिर पूर्णत: डूबने की कगार पर है। वहीं आधा किलोमीटर की चौड़ाई में बह रही नदी का पानी रामपुर तथा जारोली गांव की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
हालांकि पुलिस प्रशासन सडक़ों पर आवागमन बंद करने के लिये बैरीकेटिंग कर दी गई है। जारोली घाट पुल के पांच फुट ऊपर पानी चलने से एक दर्जन से अधिक गांव का सम्पर्क रामपुर, सबलगढ़ से टूट गया है। पुलिस व प्रशासन इस पर निगाह बनाये हुये हैं। क्वारी नदी में यह पानी श्योपुर जिले के विजयपुर क्षेत्र से बीते 24 घंटों में तेज गति के साथ बढ़ा है। इसका असर मुरैना में क्वारी नदी पर हाइवे के पास तक देखा गया है।
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