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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जाति जनगणना को लेकर अपना स्पष्ट रुख सामने रखते हुए कहा है कि यह कल्याणकारी योजनाओं के लिए जरूरी हो सकती है, लेकिन इसका उपयोग समाज में विभाजन पैदा करने के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देते हुए इसे टकराव का विषय बनाने का विरोध किया है।
RSS के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि जाति का मुद्दा संवेदनशील है और इसे प्रेम व आपसी सहयोग के जरिए हल किया जाना चाहिए। उन्होंने मंदिर, श्मशान और सार्वजनिक स्थानों पर सभी के लिए समान अधिकार की बात करते हुए सामाजिक भेदभाव खत्म करने पर जोर दिया।
महिलाओं की भागीदारी पर भी संगठन ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। आंबेकर ने बताया कि राष्ट्रीय सेविका समिति के माध्यम से महिलाओं की भूमिका को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि RSS एक सामाजिक संगठन के रूप में कार्य करता है और राष्ट्र निर्माण के लिए समरसता, सहभागिता और एकजुटता पर लगातार काम कर रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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