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भोपाल, 28 अक्टूबर 2026।* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति में जीवात्मा की सेवा को ही सर्वोच्च धर्म माना गया है और परमार्थ ही सच्ची मानव सेवा है। मुख्यमंत्री बुधवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से इंदौर में आयोजित शंकरा आई फाउंडेशन के स्वर्ण जयंती समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फाउंडेशन ने पांच दशकों में निष्ठा और समर्पण से जरूरतमंदों की नेत्र चिकित्सा कर 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के संकल्प को साकार किया है। किसी एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी लौटने से पूरे परिवार में खुशियां लौट आती हैं।
उन्होंने फाउंडेशन के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमानी और सह-संस्थापक डॉ. राधा रमानी सहित सभी डॉक्टरों और स्टाफ को 50 वर्ष की सेवा यात्रा पूरी करने पर बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1977 में कांची के शंकराचार्य से प्रेरणा लेकर कोयंबटूर में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में शुरू हुई यह पहल आज देश के 10 राज्यों तक फैल चुकी है। फाउंडेशन के 14 सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में रोज 1000 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो रहा है, जिसमें 80 प्रतिशत इलाज निःशुल्क किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मेडिकल कॉलेज और आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एयर एंबुलेंस सेवा गरीबों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।
उन्होंने नेत्रदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों से जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी वर्चुअली जुड़े।
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