Video

Advertisement


म.प्र. सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में ओबीसी आरक्षण पर दायर की एसएलपी
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को प्रात: ओबीसी महासभा के प्रतिनिधि मंडलों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ओबीसी महासभा दिल्ली ने एडवोकेट वैभव सिंह, इंजीनियर  महेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में तथा ओबीसी महासभा ग्वालियर ने महासभा के संस्थापक  विजय कुमार, प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी और प्रदेशाध्यक्ष गिरिराज धाकड़ के नेतृत्व में अपने-अपने पक्ष रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। न्याय संगत और तार्किक व्यवस्था के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से ओबीसी आरक्षण के विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई और ओबीसी के सभी संगठनों से वार्ता कर मजबूती के साथ उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखा गया था। राज्य सरकार इस विषय को टालने की दृष्टि से नहीं अपितु उसका समुचित हल निकालने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण पर राज्य सरकार की नीति और नीयत स्पष्ट है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ओबीसी आरक्षण के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का बिंदुवार अध्ययन कर सर्वोच्च न्यायालय के सम्मुख राज्य सरकार की ओर से मजबूती से अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस क्रम में आज सायं महाधिवक्ता कार्यालय मध्‍यप्रदेश द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन), स्टेट ऑफ एम.पी. वर्सेस आशिता दुबे एवं अन्य दायर कर दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतिनिधि मंडलों ने म.प्र. में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण पर उच्च न्यायालय के 9 अक्टूबर 2026 के निर्णय के संबंध में अद्यतन आंकड़ों के आधार पर संवैधानिक समाधान करने तथा ओबीसी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के संबंध में ज्ञापन सौंपा।

Kolar News 17 October 2026

Comments

Be First To Comment....

Page Views

  • Last day : 8796
  • Last 7 days : 47106
  • Last 30 days : 63782
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.