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उज्जैन में श्रावण-भाद्रपद माह के समापन अवसर पर भगवान महाकाल की अंतिम और प्रमुख राजसी सवारी आज नगर भ्रमण पर निकलेगी। इस भव्य धार्मिक आयोजन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल होंगे। सिंधिया परिवार की परंपरा के अनुसार गोपाल मंदिर पहुंचने पर उनकी ओर से भगवान महाकाल को पगड़ी भेंट की जाएगी और पूजन-अर्चन के साथ आरती की परंपरा निभाई जाएगी। सवारी को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं और करीब 7 किलोमीटर के पूरे मार्ग पर लगभग 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
राजसी सवारी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, पानदरीबा, कहारवाड़ी और रामानुजकोट होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां शिप्रा नदी के जल से भगवान महाकाल का पूजन किया जाएगा। इसके बाद सवारी गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, कमरी मार्ग, कंठाल, सतीगेट और गोपाल मंदिर होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
राजसी सवारी में भगवान महाकाल के अलग-अलग दिव्य स्वरूपों के दर्शन होंगे। रजत पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर अन्य प्रमुख मुखारविंद शामिल रहेंगे। इस आयोजन का आकाशवाणी के जरिए दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक लगातार 8 घंटे सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरे सवारी मार्ग पर विशेष इंतजाम किए हैं।
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