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शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे से कूटनीतिक हलचल तेज
Diplomatic activity intensifies ahead of Xi Jinping

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले महीने दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में शी जिनपिंग शामिल हो सकते हैं और उनके साथ करीब 400 अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आ सकता है। अगर यह दौरा तय होता है तो 2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंधों में सुधार की कोशिशों के बीच इसे अहम कूटनीतिक घटनाक्रम माना जाएगा। हालांकि चीन की ओर से अभी तक राष्ट्रपति की यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

BRICS सम्मेलन से पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी बीजिंग पहुंचे हैं। वहां उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिसमें भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों और दोनों देशों के बीच शांति एवं स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि डोभाल की यात्रा और शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों पर सीधे संवाद का रास्ता मजबूत हो सकता है। साथ ही आर्थिक और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

गौरतलब है कि शी जिनपिंग इससे पहले 2019 में भारत आए थे, तब उनके साथ करीब 200 अधिकारियों का दल था। इस बार संभावित प्रतिनिधिमंडल के इससे बड़ा होने की बात सामने आ रही है। विदेश मामलों के जानकारों के मुताबिक, एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत और चीन के बीच संवाद बढ़ना महत्वपूर्ण है, लेकिन भरोसा कायम करने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी होगी। फिलहाल सभी की नजरें चीन की आधिकारिक घोषणा और BRICS सम्मेलन से जुड़ी तैयारियों पर हैं।

Kolar News 25 August 2026

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