भोपाल में निजी स्कूलों की किताब नीति पर अभिभावकों का बड़ा प्रदर्शन
भोपाल के तुलसी नगर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय के सामने शुक्रवार को अभिभावकों का गुस्सा फूटा। पालक महासंघ मध्यप्रदेश के बैनर तले बड़ी संख्या में अभिभावक जमा हुए और निजी स्कूलों की किताब नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल हर साल किताबों का कवर और नाम बदलकर वही किताबें अधिक कीमत पर बेच रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि पहले 70-80 रुपये की किताबें अब नए कवर और बदले नाम के साथ 100 रुपये या उससे अधिक में बिक रही हैं। सामग्री लगभग वही रहती है, लेकिन संस्करण बदलने के कारण दुकानदार पुरानी किताबें लेने से इनकार कर देते हैं। इसके अलावा, कई स्कूल सालाना सिलेबस में बदलाव करते हैं, जिससे बड़े बच्चों की पुरानी किताबें छोटे भाई-बहनों के काम नहीं आतीं और सालाना खर्च हजारों रुपये तक बढ़ जाता है।
एडवोकेट नीतू त्रिपाठी ने कहा कि निजी स्कूल फीस के साथ-साथ किताबों के जरिए भी अभिभावकों से अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं। पालक महासंघ के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ स्कूल प्रतिबंधित किताबें भी चला रहे हैं, जिनकी एमआरपी में 200 प्रतिशत से अधिक अंतर पाया गया था। अभिभावकों ने यह भी बताया कि कई स्कूल विशेष पब्लिकेशन की किताबें केवल चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध कराते हैं, जिससे उन्हें महंगे दामों पर खरीदारी करनी पड़ती है।