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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की स्पीच शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा हो गया। राहुल गांधी ने डोकलाम का जिक्र करते हुए कहा कि चीनी टैंक भारत की सीमा में दाखिल हो रहे थे। उन्होंने दावा किया कि यह बात एक मैगजीन में छपे लेख में लिखी है, जिसमें पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब (मेमॉयर) का हवाला दिया गया है। राहुल ने कहा कि चार चीनी टैंक डोकलाम में भारत की धरती से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे।
राहुल के इस बयान पर पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि अगर यह बात प्रकाशित हुई है तो उसका स्पष्ट संदर्भ दिया जाए, अन्यथा इसका जिक्र न किया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल से नियमों का पालन करने और सदन में प्रमाणिक दस्तावेज रखने को कहा। गृह मंत्री अमित शाह ने तर्क दिया कि यह केवल एक मैगजीन रिपोर्ट है और जनरल नरवणे ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई, उसका हवाला सदन में नहीं दिया जा सकता।
करीब 46 मिनट तक चले हंगामे के दौरान स्पीकर ने कई बार राहुल गांधी को टोका और अंत में माइक बंद करने के निर्देश भी दिए। सत्ता पक्ष के साथ किरेन रिजिजू और निशिकांत दुबे ने भी राहुल के बयान का विरोध किया, जबकि अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला संवेदनशील है और अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है तो इसे सुना जाना चाहिए। राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर यह सच नहीं है तो सरकार किस बात से डर रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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