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राजस्थान के बहुचर्चित एकल पट्टा प्रकरण में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। जयपुर की अधीनस्थ अदालत ने इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को अग्रिम जांच की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के बाद अब इस प्रकरण में 27 फरवरी को अगली सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि एसीबी की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ दायर प्रोटेस्ट पिटीशन भी फिलहाल अदालत में लंबित है।
जयपुर महानगर-द्वितीय क्षेत्र की एसीबी मामलों की विशेष अदालत ने एसीबी की ओर से दायर अग्रिम जांच के आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। गहलोत सरकार के कार्यकाल में एसीबी ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर शांति धारीवाल समेत अन्य अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी थी। सत्ता परिवर्तन के बाद भजनलाल सरकार में एसीबी ने मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता बताते हुए फिर से कोर्ट का रुख किया, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
यह मामला वर्ष 2011 का है, जब जयपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े एकल पट्टा गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिए जाने का आरोप लगा था, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। 2013 में शिकायत दर्ज होने के बाद 2014 में एसीबी ने एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि 2021 में अभियोजन वापसी की कोशिश की गई थी, जिसे अदालतों ने खारिज कर दिया। अब एसीबी को दोबारा जांच की हरी झंडी मिलने से माना जा रहा है कि पूर्व मंत्री शांति धारीवाल की मुश्किलें फिर से गहराने वाली हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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