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महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, भाजपा ने 29 में से 23 नगर निगमों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरते हुए साफ बढ़त बना ली है। पुणे, नवी मुंबई, पनवेल, जलगांव, नांदेड, नागपुर, अहिल्यानगर, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, संभाजीनगर, मीरा भायंदर और जालना में भाजपा गठबंधन ने भारी बढ़त दर्ज की है।
मुंबई की बीएमसी में दशकों से राज करने वाले ठाकरे परिवार के लिए चुनाव परिणाम चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन के बावजूद, शुरुआती रुझानों में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना बहुमत के करीब नजर आ रही है। 227 सीटों वाली बीएमसी में गठबंधन ने अब तक 110 सीटों पर बढ़त बनाई है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 114 सीटें है।
भाजपा गठबंधन की यह जीत केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। विदर्भ के नागपुर, अकोला और अमरावती से लेकर पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड तक भाजपा ने एकतरफा बढ़त बना ली है। उत्तर महाराष्ट्र के नासिक और जलगांव में विपक्षी दल कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। 17-18 नगर निगमों में भाजपा ने शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और अब यह गठबंधन 23 नगर निगमों में बहुमत की ओर बढ़ रहा है, जिससे राज्य की शहरी राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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