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छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ रुपये के शराब और कोयला घोटाले में अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कथित तांत्रिक केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डडसेना को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में पेश किया। दोनों को 9 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया था। मंगलवार को अदालत ने उन्हें 27 जनवरी तक जेल भेजने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में बताया कि केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डडसेना शराब घोटाले की ब्लैक मनी को सफेद करने का काम करते थे। ईडी के इनपुट के आधार पर श्रीवास्तव को शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। दोनों की गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड की आवश्यकता जांच को देखते हुए की गई, क्योंकि ईडी की ओर से कोई आवेदन नहीं लगाया गया।
स्मार्ट सिटी परियोजना में 500 करोड़ रुपए का काम दिलाने का झांसा देकर केके श्रीवास्तव और उसके पुत्र ने दिल्ली के कारोबारी से 15 करोड़ रुपए ठगे थे। हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होते ही वे फरार हो गए थे। इसके बाद EOW ने छापेमारी कर उन्हें भोपाल से गिरफ्तार किया। कोयला घोटाले में फरार आरोपी रामगोपाल अग्रवाल का करीबी देवेंद्र डडसेना रकम मैनेज करने का काम करता था, जिसके कारण दोनों से अदालत में पूछताछ कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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