Advertisement
कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही बहस के बीच प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका लगातार मजबूत होती दिख रही है। असम विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी देना और उत्तर प्रदेश में उनके जन्मदिन पर पार्टी का 100 दिन का कार्यक्रम शुरू करना, कांग्रेस की नई सियासी दिशा की ओर इशारा कर रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, संसद के शीतकालीन सत्र में प्रियंका के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद उनकी भूमिका बढ़ाने पर अंदरूनी स्तर पर चर्चा हुई और गांधी परिवार, खासकर सोनिया गांधी की सहमति से अहम फैसले लिए गए।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले तीन–चार महीनों में यह साफ हो जाएगा कि प्रियंका को आगे बढ़ाना सिर्फ चुनावी रणनीति है या उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि प्रियंका में महिला और युवा मतदाताओं को जोड़ने की खास क्षमता है और वे भाजपा के आक्रामक राष्ट्रवादी नैरेटिव का संतुलित लेकिन प्रभावी जवाब देने में सक्षम हैं। उनके हालिया भाषणों और सार्वजनिक भूमिका ने पार्टी के भीतर नई उम्मीदें जगाई हैं।
प्रियंका को असम जैसी अहम चुनावी राज्य में बड़ी जिम्मेदारी देना महज संगठनात्मक फैसला नहीं माना जा रहा। उनके साथ भूपेश बघेल, डीके शिवकुमार, जितेंद्र सिंह और इमरान मसूद जैसे नेताओं को जोड़ा जाना भी संकेत देता है कि पार्टी उन्हें केंद्रीय भूमिका में देख रही है। वहीं यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने धड़ेबाजी की बातों को खारिज करते हुए कहा कि यह भाजपा का फैलाया एजेंडा है। उनके मुताबिक, असम में प्रियंका को कमान देना नॉर्थ-ईस्ट में कांग्रेस के लिए मजबूत सियासी संदेश देगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |