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दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने देशभर में चल रहे एक बड़े सिम बॉक्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सात आरोपी ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक ताइवानी नागरिक भी शामिल है। प्राथिमक पूछताछ में पता चला है कि इनका नेटवर्क ताइवान, पाकिस्तान, नेपाल और कंबोडिया तक फैला हुआ था। आरोपी भोले-भाले लोगों को यह डराकर पैसों की वसूली करते थे कि उनका नाम दिल्ली ब्लास्ट, पहलगाम आतंकी हमला, आतंकी फंडिंग या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में आएगा। इस गैंग के सदस्य खुद को UP STF का हिस्सा बताते थे और साइबर फ्रॉड के बड़े पैमाने पर संचालन में शामिल थे। इनके कब्जे से एक हजार से अधिक सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
सिम बॉक्स एक तकनीकी डिवाइस है जिसमें सैकड़ों सिम कार्ड एक साथ लगाए जा सकते हैं और इसे इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल के रूप में रूट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आरोपी इसका इस्तेमाल फिशिंग लिंक, फर्जी लोन ऑफर और निवेश स्कीम वाले बल्क मैसेज भेजने के लिए करते थे, जिससे उनके कॉल और मैसेज का स्रोत पता लगाना मुश्किल होता था। इसके अलावा, दिसंबर 2025 में इस गैंग ने एक फर्जी सरकारी भर्ती पोर्टल बनाया। यह पोर्टल आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के नाम पर बनाया गया था और ASI भर्ती के लिए जाली विज्ञापन देकर युवाओं को निशाना बनाया गया। इस पोर्टल पर कुल सात क्यूरेटर और 84 जूनियर असिस्टेंट के फर्जी पद निकाले गए और लिंक सोशल मीडिया व स्टूडेंट ग्रुप्स पर वायरल किए गए। दिल्ली पुलिस ने इन दोनों मामलों को बड़ी कामयाबी बताते हुए FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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