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भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल की एक अदालत ने गुरुवार काे झूठी पहचान बनाकर महिला से दुष्कर्म करने वाले को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। लगभग तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रीति श्रीवास्तव ने पैरवी की।
फर्जी पहचान बनाकर महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले मोहम्मद अकरम को भोपाल की अदालत ने गुरुवार को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आराेपित ने खुद को अमर कुशवाहा बताकर महिला से दोस्ती की और तिलक लगी अपनी फोटो भेजकर भरोसा जीता था। नौकरी का लालच देकर उसे होटल ले जाकर दुष्कर्म किया और बाद में दुष्कर्म करने के बाद उसने अपना असली नाम बताकर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया।
दरअसल मामला 16 अक्टूबर 2022 का है। एमपी नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला पेंटर का नंबर खोज रही थी। इसी दौरान गलती से अकरम के मोबाइल नंबर पर कॉल लग गई। इसके बाद आरोपी ने लगातार व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजना शुरू कर दिया। उसने तिलक लगी हुई अपनी फोटो भेजकर स्वयं को अमर कुशवाहा बताया, ताकि महिला का विश्वास जीत सके। आरोपी ने महिला को पहले एमपी नगर क्षेत्र के मिलन रेस्टोरेंट बुलाया, जहां उसने गलत तरीके से छूने का प्रयास किया। विरोध करने पर वह वहां से चला गया, लेकिन संपर्क बनाए रखा। अगले दिन आरोपी ने नौकरी दिलाने का लालच देकर महिला को बोर्ड ऑफिस बुलाया और फिर कान्हा होटल ले गया। वहां उसने कमरे में बंद करके दुष्कर्म किया। महिला के अनुसार, वह दो बच्चों की मां है और उसका पति बाहर काम करता है।
अभियोजन ने कोर्ट में साबित किया कि आरोपी ने शुरुआत से ही महिला को धोखे में रखकर अपराध की योजना बनाई थी।इसी आधार पर विशेष न्यायाधीश ने अकरम को 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
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