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भोपाल । मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने का मामला एक बार फिर सुर्खियाें है। इस पूरे मामले काे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच बयानबाजी हुई। जिससे सियासी हलचल मच गई। इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों की केमिस्ट्री समझना बहुत मुश्किल है। सिंधिया को सरकार गिराने की सजा मिलनी चाहिए। वहीं दोनों दिग्गजों के बयान पर भारतीय जनता पार्टी भी लगातार हमलावर है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी मामले पर चुटकी लेते हुए तंज कसा है।
जीतू पटवारी ने साेमवार काे मीडिया से बातचीत में कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ बड़े छोटे भाई हैं, दोनों की केमिस्ट्री है। दोनों का 45 साल का रिश्ता है, उनकी केमिस्ट्री समझना बहुत मुश्किल है। पुरानी बातों का कोई औचित्य नहीं है। हमें पीछे की बात नहीं करनी है। हमें अब भविष्य देखना है, हमारी सरकार कैसे बने यह देखना है। वहीं पटवारी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को सरकार गिराने की सजा मिलनी चाहिए।
इस पूरे मामले पर पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने चुटिले अंदाज में कांग्रेस पर तंज कसा है। नराेत्तम मिश्रा ने कहा कि तरन्नुम कानपुरी की एक शायरी है… ‘ऐ क़ाफ़िले वालों, तुम इतना भी नहीं समझे थे। लूटा है तुम्हे रहज़न ने, रहबर के इशारे पर।।’ उन्होंने आगे कहा कि काफिला क्यों लुटा था ? कौन दोषी है अब यह सामने आ गया है। कांग्रेस को बुढ़ापे में बच्चा रूपी सरकार हुई थी। इन्होंने उसे चूम चूम कर ही मार डाला। हम तो पहले से कहते थे कि कमलनाथ नहीं दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे थे। यही कारण था सरकार गिरने का। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह बात कमलनाथ के मंत्री उमंग सिंगार ने भी उस वक्त कही लेकिन कमलनाथ की आंखों पर दिग्विजय ने पट्टी बांध रखी थी और आज कमलनाथ को सच्चाई याद आ रही है। कमलनाथ जब आप सच की राह पर चल ही दिए हैं तो लगे हाथ यह भी बता दे कि डेढ़ साल की सरकार में सुपर सीएम दिग्विजय सिंह ने आपसे भ्रष्टाचारी फैसले करवाए, नहीं तो जनता यह मान लेगी की आप दोनों एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ कर सबको गुमराह कर रहे हैं। असलियत यही है कि आप दोनों के सच ने बता दिया है कि कांग्रेस की नाव जो डूबी उसे कप्तान ने ही छेद कर डुबाया था।
गौरतलब है कि मप्र में कांग्रेस ने 15 साल के लंबे इंतजार के बाद सत्ता में वापसी की थी। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी और बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। लेकिन 15 महीने बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए और कमलनाथ की सरकार गिर गई। इस मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ और सिंधिया के बीच मतभेदों को जिम्मेदार बताया। दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक मीडिया हाउस को इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि कमलनाथ और सिंधिया के बीच काम करने के तरीके को लेकर जो तय हुआ था, उसका पालन नहीं हुआ, इसके चलते ही सरकार गिरी। दिग्विजय के बयान पर कमलनाथ ने साेशल मीडिया एक्स पर जवाब देते हुए लिखा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगता था कि दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे हैं। इसी नाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई।दिग्विजय के खुलासे और कमलनाथ के पलटवार के बाद मप्र कांग्रेस घिरती हुई नजर आ रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी भी अब इस पर लगातार हमला बोल रही हैं। एमपी के दो दिग्गज नेताओं की इस बयानबाजी से प्रदेश की सियासत का पारा हाई हो गया है।
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