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कमलनाथ ने प्रदेश के गिरते भूजल स्तर पर जताई चिंता
bhopal, Kamal Nath ,expressed concern over

भाेपाल । मध्य प्रदेश में भूजल दोहन की स्थिति चिंताजनक है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के तहत केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की रिपोर्ट्स के आंकड़ाें के अनुसार प्रदेश में 2023 तक 58.75% भूजल का दोहन हो चुका था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदौर और भोपाल में भूजल स्तर क्रिटिकल स्थिति में है। प्रदेश के भूजल स्तर में लगातार आ रही गिरावट पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चिंता जताई है। उन्हाेंने कहा कि भूजल के मामले में मध्य प्रदेश खतरनाक स्थिति की तरफ़ बढ़ रहा है और समय रहते इस तरफ़ ध्यान नहीं दिया गया तो हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट में धकेल देंगे।

 

कमलनाथ ने गुरुवार काे साेशल मीडिया एक्स पर पाेस्ट कर लिखा प्रदेश में भूजल स्तर में तेज़ी से आ रही गिरावट अत्यंत चिंता का विषय है। राज्यसभा में केंद्र सरकार की ओर से पेश आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश ने अपने भूजल का 60% दोहन कर लिया है। और भूजल के मामले में मध्य प्रदेश ख़तरनाक स्थिति की तरफ़ बढ़ रहा है।प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर जैसे शहर इस मामले में बेहद ख़राब स्थिति में हैं। भोपाल संभाग क्रिटिकल श्रेणी में आ गया है, जबकि इंदौर और रतलाम ज़िले पानी के अत्यधिक दोहन की कैटेगरी में पहुँच चुके हैं।प्रदेश का पश्चिमी इलाक़ा भूजल दोहन के मामले में अलार्मिंग स्तर तक पहुँच चुका है।


कमलनाथ ने आगे कहा कि इस हालत की वजह यह है कि हम जितना पानी ज़मीन से निकाल रहे हैं, उतना पानी ज़मीन को वापस नहीं दे रहे हैं। ज़रूरत इस बात की है कि वॉटर रिचार्ज के कुआं और तालाब जैसे पारंपरिक स्रोतों को ज़िंदा किया जाए और ग्राउंड वॉटर रिचार्ज के आधुनिक तरीक़ों को भी बड़े पैना पैमाने पर अपनाया जाए। अगर समय रहते इस तरफ़ ध्यान नहीं दिया गया तो हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट में धकेल देंगे।

Kolar News 7 August 2025

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