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जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार की शराब नीति पर उठाए गंभीर सवाल
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भोपाल । मध्य प्रदेश में पिछले 10 सालों (2016-2025) में नकली और जहरीली शराब पीने से 1330 से ज़्यादा लोगों की मौतें हुई हैं। इन मौतों पर गहरी चिंता जताते हुए, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साेमवार काे मुख्यमंत्री मोहन यादव शासित प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की "शराब उदारीकरण नीति" ने शराब माफिया को बेलगाम कर दिया है और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।

जीतू पटवारी ने मीडिया काे जारी बयान में 2024-25 में रतलाम, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन सहित कई जिलों से सामने आ रही नकली शराब से मौतों की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि "यह साफ बताता है कि प्रदेश में शराब माफिया बेलगाम हो चुके हैं और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। ये मौतें सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि परिवारों के उजड़ने की दर्दनाक कहानियां हैं।" पटवारी ने शराब की बढ़ती खपत और 'उदारीकरण नीति' पर सवाल
उठाते हुए कहा कि "मध्य प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में शराब पीने वालों की संख्या में 50% की बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे आपकी सरकार की 'शराब उदारीकरण नीति' है, जिसने शराब को हर गली, हर मोहल्ले तक पहुंचा दिया है।"

NFHS-5 रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 10.2% महिलाएं तंबाकू, और 1% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। "यह आंकड़े एक बड़ी चेतावनी हैं कि शराब अब सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं रही, बल्कि महिलाओं और युवाओं तक भी इसकी पहुंच हो चुकी है। यह हमारे समाज के लिए एक गंभीर खतरा है।" पटवारी ने सरकार पर आरोप लगाया कि शराबबंदी वाले 19 शहरों और धार्मिक स्थलों को भी नहीं बख्शा है, जहां अब खुलेआम 'महंगी शराब' बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि "राजधानी सहित मध्य प्रदेश के बड़े नगरों में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मंदिरों के 100 मीटर की परिधि में शराब की दुकानें खोली गई हैं, जिससे महिलाओं के प्रति असुरक्षा का भाव लगातार बढ़ रहा है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, जीतू पटवारी ने सरकार से तत्काल निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
1. नकली/जहरीली शराब कांडों की न्यायिक जांच कराई जाए ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

2. राज्य की शराब नीति पर पुनर्विचार किया जाए और शराब पर नियंत्रण के लिए एक ठोस एवं प्रभावी नीति बनाई जाए।

3. शराबबंदी वाले क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

4. स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और धार्मिक स्थलों की परिधि में शराब दुकानों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

Kolar News 28 July 2025

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