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भाेपाल । ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से चार दिन पहले मोहन यादव सरकार द्वारा छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा रहा है। कर्ज को लेकर कांग्रेस ने हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश दिन पर दिन कर्ज के दलदल में डूबता जा रहा है। प्रदेश के ऊपर अब तक 4.10 लाख करोड रुपए का कर्ज हो चुका है। और अब खबर आ रही है कि प्रदेश सरकार 18 फरवरी को 5000 करोड रुपये का और कर्ज लेने वाली है। भाजपा सरकार की कर्ज लेने की इस नीति से प्रदेश बड़े राजकोषीय संकट की ओर बढ़ रहा है।
कमलनाथ ने शनिवार काे साेशल मीडिया एक्स पर पाेस्ट कर लिखा यह बहुत दुख की बात है कि कई मामलों में सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति बेचकर या लीज पर देकर धन अर्जित करने का प्रयास किया है। सरकार अपने खर्च पूरे करने के लिए पूरी तरह कर्ज पर निर्भर होती जा रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि सरकार अपने मौजूदा संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है। अगर प्रदेश की आर्थिक गतिविधि सही दिशा में संचालित की जाए तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी जिससे अंततः प्रदेश सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। कमलनाथ ने आगे कहा कि अगर बेरोजगारों को रोजगार मिले और उद्योग तथा व्यापार को सकारात्मक माहौल में काम करने दिया जाए तो निश्चित तौर पर आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी। लेकिन प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था के कारण यह काम संभव नहीं हो पा रहा है। और सबसे दुख की बात यह है कि लगातार कर्ज लेने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार इवेंटबाजी पर अपनी फिजूल खर्ची में कोई कमी नहीं कर रही है। प्रदेश की जनता इस आर्थिक कुप्रबंधन के लिए इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
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