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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चीनी प्रतिनिधि-मंडल ने आज निवास पर भेंट की। इस अवसर पर गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के महानिदेशक फांगकांग हुआंग और प्रमुख सचिव उद्योग-वाणिज्य श्री मोहम्मद सुलेमान मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में 'एक कराधान व्यवस्था' एक जुलाई से लागू हो जायेगी। नई व्यवस्था से देश की हृदय-स्थली मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब बनने की संभावनाएँ प्रबल हुई हैं। निवेश और व्यापार की और अधिक बेहतर संभावनाएँ निर्मित होगी। उन्होंने प्रतिनिधि-मंडल से इस परिप्रेक्ष्य में निवेश की संभावना को तलाशने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश निवेश का आदर्श स्थल है। यहाँ निवेश मित्र वातावरण और नीतियाँ हैं। आश्वस्त किया कि निवेश हेतु आवश्यक जानकारियाँ, सूचनाएँ उपलब्ध करवाने में, उन्हें पूरा सहयोग किया जायेगा। सरकार निवेशकों का सदैव सहयोग करती है, भविष्य में भी करेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चीन यात्रा में उनके द्वारा दिए गए आमंत्रण पर, चीनी प्रतिनिधि-मंडल के आने से वे अत्यंत हर्षित हैं। आशा व्यक्त की कि इस यात्रा से दुनिया के दो प्राचीन महान राष्ट्रों के मध्य पारस्परिक व्यापारिक संभावना को विस्तार मिलेगा। उनके मध्य निकटता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में चीनी कंपनी लिउगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड को सरकार का पूरा सहयोग मिला है। नये निवेशकों को भी उसी तरह पूरा सहयोग दिया जायेगा।
प्रतिनिधि-मंडल द्वारा बताया गया कि प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाई द्वारा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। उत्पाद भारतीय बाजार के साथ ही अन्य देशों को निर्यात भी किये जा रहे हैं।
प्रतिनिधि-मंडल में नैननिंग विकास और सुधार आयोग के निदेशक श्री वी डिंग, गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के हाईटेक उद्योग प्रभाग निदेशक यी झोंग, विदेशी पूँजी उपयोग और विदेशी निवेश प्रभाग निदेशक श्री तियानचेंग वू, औद्योगिक अर्थ-व्यवस्था प्रभाग निदेशक श्री यीचुआन ली, पश्चिमी क्षेत्र विकास प्रभाग उप निदेशक श्री सुयू तन, प्रबंध निदेशक लिउगोंग इंडिया श्री वू सांग और ट्रायफेक के अपर प्रबंध संचालक श्री वी. किरण गोपाल उपस्थित थे।
उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल से चीनी प्रतिनिधि-मंडल ने की मुलाकात की। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने चीनी प्रतिनिधि-मंडल से आग्रह किया है कि विशाल उपभोक्ता बाजार को देखते हुए चीनी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन में स्मार्ट-सिटी के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही सभी के लिये आवास योजना और मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में भी चीनी कम्पनियाँ निवेश कर सकती हैं। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल आज चीनी प्रतिनिधि-मंडल से चर्चा कर रहे थे। चीन का प्रतिनिधि-मंडल, गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के महानिदेशक श्री फांगफांग हुआंग के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के दौरे पर आया है।
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इंदौर के पास पीथमपुर में चीनी कम्पनियों के लिये 206 हेक्टेयर में एक टाउनशिप बनाई गयी है। प्रदेश में बिजली, पानी, सड़क, संचार और ट्रांसपोर्ट की कोई कमी अथवा समस्या नहीं है। प्रदेश में 19 हजार मेगावॉट की केपिसिटी के साथ बिजली के मामले में सरप्लस की स्थिति है। उन्होंने बताया कि व्यापार करने में आसानी के पैमाने पर मध्यप्रदेश देश के टॉप पाँच राज्य में शामिल है।
गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग और संबंधित संस्थाएँ प्रदेश में बुनियादी ढाँचे के निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली उद्योग के निवेश की संभावनाओं को ढूँढने के मकसद से प्रदेश के दौरे पर हैं।
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