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ग्वालियर में 16 दिन पहले लापता हुए 9 साल के छात्र की हत्या हो गई है। शुक्रवार को उसका कंकालनुमा शव मिला। आरोपी उसका दूर के रिश्ते में चचेरा भाई लगता है। इन 16 दिन में वह बच्चे के परिवार का मददगार बनने का ढोंग करता रहा। बच्चे के परिवार के साथ मिलकर उसकी तलाश करता रहा। कई बार पुलिस स्टेशन भी पहुंचा। पुलिस को गुमराह करने के लिए 6 दिन पहले छात्र के घर धमकी भरी फिरौती की चिट्ठी भी चस्पा कर दी थी।लेटर में लिखा नंबर फेक निकला। पुलिस ने यहीं से अपनी जांच किडनैपिंग की जगह दूसरे एंगल पर घुमा दी। आरोपी पकड़ा गया। उसके बताए अनुसार शुक्रवार सुबह बच्चे का कंकाल आरोली के जंगल से बरामद हुआ। छात्र के कपड़े और आरोपी की साफी भी यहां मिली।आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बच्चे को जंगल ले गया था। वहां उसके साथ कुकर्म की कोशिश की। जब सफल नहीं हुआ और लगा कि वह घर पर बता देगा तो उसने उसे मार डाला। जंगल में गड्ढे में भरे पानी में उसने बच्चे का सिर डाला और उसके ऊपर बैठ गया।घटना ग्वालियर से 22 किलोमीटर दूर पारसेन गांव की है। यहां रहने वाले किशोर माहौर का 9 वर्षीय बेटा ध्रुव 31 मई की शाम बच्चों के साथ खेल रहा था। कुछ देर बाद जब उसके परिजन बुलाने पहुंचे, तो वह वहां नहीं मिला। उसके साथ खेल रहे अन्य बच्चों का कहना था कि ध्रुव यहीं हैंडपंप के पास खेल रहा था। वहां से कहां चला गया, उन्हें कुछ नहीं पता। इसके बाद परिजन ने उसे सभी जगह तलाश किया, लेकिन छात्र का कुछ पता नहीं चला। जंगल से लेकर खेत तक और घर के आसपास, रिश्तेदारों के यहां तक छात्र को ढूंढा गया। बेटे की कोई खबर नहीं मिलने पर ध्रुव के पिता बिजौली थाने पहुंचे। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया।पुलिस लगातार बच्चे की तलाश कर रही थी। इस केस में चौंकाने वाला मोड़ 10 जून को आया। छात्र के घर के दरवाजे पर एक चिट्ठी चस्पा मिली। इसमें 6 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। चिट्ठी में लिखा नंबर दतिया की किसी महिला का निकला। इसके बाद साफ हो गया कि पुलिस को गुमराह करने के लिए यह फिरौती मांगी गई है। यहां से पुलिस का शक बच्चे के करीबियों पर बढ़ने लगा था। किडनैपिंग के एंगल पर न जाकर पुलिस ने आसपास के लोगों को स्कैन करना शुरू कर दिया।
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