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पाँच सितम्बर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उपभोक्ताओं का भौतिक सत्यापन
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दर्ज एक करोड़ 17 लाख 46 हजार परिवार का भौतिक सत्यापन 5 सितम्बर से 29 अक्टूबर 2019 तक किया जाएगा। अपात्रों के नाम काटे जाएंगे। राज्य शासन द्वारा सभी कलेक्टर्स को इस बारे में निर्देश जारी किये गये हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 25 श्रेणी के परिवारों को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर सत्यापन के बाद राशन दिया जाता है। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दर्ज परिवार के 5 करोड़ 46 लाख हितग्राहियों को एक किलो ग्राम की दर से गेहूँ और चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। सूची में अपात्रों के नाम शामिल होने की शिकायतों पर सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
अभियान के दौरान प्रत्येक जिले में कलेक्टर द्वारा कृषि, महिला-बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, उद्यानिकी, श्रम, मंडी, नगरीय प्रशासन और आदिम-जाति कल्याण विभाग के मैदानी अमले की टीम गठित की जाएगी। टीम दो सदस्यीय होगी। एक टीम 200 परिवारों का घर-घर जाकर सत्यापन करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत और नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका का एक कर्मचारी टीम का सदस्य होगा।
सत्यापन कार्य की जिला और प्रदेश स्तर से सतत् मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके लिये राज्य स्तर पर कन्ट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका टेलीफोन नम्बर 0755-2551413 है। पात्र और अपात्र हितग्राही रेखांकित होने पर सूची विभाग की वेबसाइट www.food.mp.gov.in तथा nfsa.samagra.gov.in पर उपलब्ध रहेगी।
अपात्र परिवारों की सूची जनपद पंचायत/नगरीय निकाय की बैठक में सदस्यों को देखने के लिए प्रस्तुत की जाएगी। अपात्र व्यक्ति विलोपन की कार्रवाई के विरूद्ध कलेक्टर को अपना दावा/आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है, जिसकी सुनवाई समय-सीमा में की जाएगी। अंतिम निर्णय के अद्यतन होने पर NFSA की पोर्टल पर पात्रता प्रदर्शित होने पर पात्रता पर्ची जारी की जाएगी।
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