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रायपुर। कार्टून केवल हास्य और मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और समाज का सशक्त दर्पण है। यह गंभीर विषयों, सामाजिक परिस्थितियों और विसंगतियों को हास्य एवं व्यंग्य के माध्यम से सहजता से जनमानस तक पहुंचाने वाली प्रभावशाली रचनात्मक विधा है। कई बार जो बात हजारों शब्दों में कहना कठिन होता है, उसे एक प्रभावशाली कार्टून बड़ी सरलता और गहराई के साथ अभिव्यक्त कर देता है। कार्टून समाज को हंसाने के साथ सोचने, समझने और आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2026 को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कला और साहित्य किसी भी समाज की चेतना के वाहक होते हैं। कार्टून इस दृष्टि से विशिष्ट कला है, जिसमें चित्र, विचार, हास्य और व्यंग्य का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। एक कार्टूनिस्ट अपने सूक्ष्म अवलोकन और रचनात्मक दृष्टि से सामाजिक घटनाओं को ऐसा स्वरूप देता है, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृति में बना रहता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्टून जनभावनाओं, जनअपेक्षाओं और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्ति देने का भी सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय कार्टून कला की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए महान कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आर.के. लक्ष्मण का प्रसिद्ध ‘कॉमन मैन’ केवल एक कार्टून चरित्र नहीं, बल्कि देश के सामान्य नागरिक की आशाओं, अपेक्षाओं, जिज्ञासाओं और चिंताओं की पहचान बन गया। स्वतंत्रता के बाद बदलते भारत और उसकी सामाजिक परिस्थितियों को उन्होंने जिस प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, वह भारतीय पत्रकारिता और कार्टून कला की अमूल्य विरासत है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्टून कला को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को भी अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने और इस विधा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कार्टून फेस्टिवल-2026 में जयपुर के प्रख्यात कार्टूनिस्ट श्री अभिषेक तिवारी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी कलाकार की दीर्घकालीन साधना और रचनात्मक योगदान का सम्मान पूरी कला विधा का सम्मान है और इससे नई पीढ़ी को उत्कृष्टता की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने युवा कार्टूनिस्टों का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में प्रतिभा, कल्पनाशीलता और तकनीक की अपार संभावनाएं हैं। डिजिटल माध्यमों के विस्तार ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए मंच उपलब्ध कराए हैं। युवा कलाकार अपनी मौलिकता और रचनात्मक दृष्टि को बनाए रखते हुए इन अवसरों का उपयोग करें और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अपनी समृद्ध कला, संस्कृति, साहित्य और रचनात्मक परंपराओं से है। राज्य सरकार इनके संरक्षण एवं संवर्धन के साथ कलाकारों और रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्टून फेस्टिवल जैसे आयोजन स्थापित कलाकारों के अनुभव और युवा प्रतिभाओं की ऊर्जा को एक मंच पर लाकर कला एवं समाज के बीच रचनात्मक संवाद को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व, नेतृत्व और सेवा यात्रा पर आधारित कार्टून कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कार्टून के माध्यम से किसी व्यक्तित्व और उसकी यात्रा को प्रस्तुत करना अभिव्यक्ति का विशिष्ट और रोचक माध्यम है।
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