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खराब बीजों से फसल बर्बाद होने पर किसानों को मुआवजा दे सरकार, दोषी कंपनियों पर हो सख्त कार्रवाई: जीतू पटवारी
patwari jeetu


भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर देश में अमानक बीजों की बढ़ती समस्या, किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान और बीज गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि खराब बीजों के कारण फसल बर्बाद होने पर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था बनाई जाए तथा दोषी बीज निर्माता कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पटवारी ने कहा कि देश का किसान पहले ही महंगे खाद, कीटनाशक, बढ़ती कृषि लागत और फसलों के उचित दाम नहीं मिलने की समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में यदि किसान बाजार से बीज खरीदता है और वही बीज गुणवत्तापूर्ण नहीं निकलता, तो उसकी पूरी मेहनत, निवेश और आजीविका दांव पर लग जाती है। चिंताजनक बात यह है कि बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद अमानक बीजों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि वित्त वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक देशभर में जांचे गए 93,867 बीज नमूनों में से 4,006 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें महाराष्ट्र के 2,360, मध्य प्रदेश के 537, उत्तर प्रदेश के 303 और छत्तीसगढ़ के 234 नमूने शामिल बताए गए हैं। इसी अवधि में देशभर में बीज बिक्री रोकने के 2,362 आदेश जारी हुए और 1,116 मामले दर्ज किए गए। मध्य प्रदेश में 537 अमानक नमूनों का सामने आना प्रदेश की बीज गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था और किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे बीजों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पटवारी ने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि घटिया बीज बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था होने के बावजूद, खराब बीजों के कारण फसल बर्बाद होने पर किसान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था का अभाव है। किसान अपनी सीमित पूंजी लगाकर खेती करता है, लेकिन बीज की गुणवत्ता में कमी के कारण नुकसान होने पर उसका पूरा आर्थिक बोझ किसान पर ही आ जाता है। यह किसानों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि  शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हैं। ऐसे में किसानों को घटिया बीजों से होने वाले नुकसान से बचाना और उन्हें न्याय दिलाना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। केवल अच्छी फसल उगाने की सलाह देना पर्याप्त नहीं है, सरकार को गुणवत्तापूर्ण बीज की गारंटी और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।

Kolar News 13 October 2026

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