Advertisement
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली के लिए अपनी स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिलीफ फोर्स यानी SDERF बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसी समर्पित टीम तैयार करना है, जो बड़े हादसे या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर सके। अब तक दिल्ली में इस तरह की परिस्थितियों में NDRF, फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस पर निर्भरता रहती थी।
दिल्ली में भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं के जोखिम को देखते हुए भी अलग आपदा बल की जरूरत महसूस की जा रही है। दिल्ली भूकंपीय जोन-4 में आती है, जबकि बारिश के दौरान यमुना के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। SDERF के गठन को लेकर दिल्ली सचिवालय में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और NDRF के अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई। इसमें प्रस्तावित फोर्स की संरचना, कामकाज और आपात स्थिति में उसकी भूमिका को लेकर चर्चा की गई।
यह फैसला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद सामने आया, जहां पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। हादसे के दौरान NDRF ने राहत और बचाव अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने NDRF के जवानों के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार जताया। सरकार का मानना है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए दिल्ली के पास अपनी प्रशिक्षित और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली आपदा राहत टीम होनी चाहिए।
Kolar News
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |