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17 अगस्त को नाग पंचमी और सावन सोमवार के संयोग के कारण उज्जैन में धार्मिक गतिविधियां तेज रहीं। नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में एक बार नाग पंचमी पर खोले जाते हैं, जिसके कारण देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इसी दिन बाबा महाकाल की सवारी भी निर्धारित है। धार्मिक आयोजनों के कारण शहर में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ और यातायात दबाव देखने को मिल रहा है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। महाकालेश्वर मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। नए फुट ओवरब्रिज की क्षमता जांचने के लिए 300 से अधिक सुरक्षा गार्डों द्वारा सामूहिक लोड टेस्ट किया जाना भी तैयारियों का हिस्सा रहा। इसका उद्देश्य भारी भीड़ के दौरान पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
उज्जैन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती धार्मिक आस्था के साथ भीड़ प्रबंधन को संतुलित रखना है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर रास्तों और मंदिर परिसर में दबाव बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों से निर्धारित मार्ग और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। नाग पंचमी के बाद भी सावन-भादो की धार्मिक गतिविधियों के कारण शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहने की संभावना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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