Advertisement
मध्य प्रदेश में यूरिया और DAP खाद के वितरण को लेकर 17 अगस्त से नई व्यवस्था लागू की गई है। स्टॉक के सत्यापन के लिए कुछ समय के लिए बिक्री रोकने के बाद अब किसानों को खाद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है। खरीफ सीजन में खाद की मांग अधिक होने के कारण सरकार और प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। किसानों के लिए खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था इस समय प्रदेश के कृषि क्षेत्रों में बड़ा जनहित का मुद्दा बनी हुई है।
प्रशासन की कोशिश है कि उपलब्ध स्टॉक का सही आकलन करने के बाद खाद किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। खाद की बिक्री और स्टॉक की निगरानी पर संबंधित अधिकारियों को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कालाबाजारी या जरूरत से ज्यादा खरीद जैसी शिकायतों को रोकने में मदद मिल सकती है। किसानों से भी अपील की जा रही है कि वे अधिकृत केंद्रों से ही खाद खरीदें और किसी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
17 अगस्त से वितरण शुरू होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि जिलों में वास्तविक मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा उपलब्ध रहती है या नहीं। खरीफ फसलों के लिए समय पर खाद मिलना उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से स्टॉक और वितरण की लगातार समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में जिन जिलों में मांग अधिक होगी, वहां अतिरिक्त आपूर्ति की जरूरत पड़ सकती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |