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छत्तीसगढ़ के दूरदराज और दुर्गम जनजातीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने 12 अगस्त 2026 को 'चलित अस्पताल सेवा' के नए बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये विशेष रूप से डिजाइन किए गए चिकित्सा वाहन बस्तर, दंतेवाड़ा और सरगुजा संभाग के अंदरूनी गांवों में जाकर ग्रामीणों का निशुल्क इलाज, लैब टेस्ट और दवा वितरण का काम करेंगे।
प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक डॉक्टर, लैब तकनीशियन, एएनएम और पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रखी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों में खून की जांच, मलेरिया, टीबी और शुगर जैसे परीक्षणों के लिए पोर्टेबल डायग्नोस्टिक मशीनें लगाई गई हैं। इस व्यवस्था से वनांचल के लोगों को मामूली बीमारी के इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
स्थानीय जनजातीय समुदायों ने इस सेवा के विस्तार पर खुशी जताई है। राज्य सरकार की योजना है कि इस चलित स्वास्थ्य सेवा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित किया जाए और कुपोषण की रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं को उचित परामर्श और पौष्टिक पूरक आहार प्रदान किया जाए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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