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उत्तर प्रदेश के तराई और पूर्वी जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान हुई भारी वर्षा के कारण प्रमुख नदियों के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 11 अगस्त 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार घाघरा, राप्ती और शारदा नदियां कई स्थानों पर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सिंचाई विभाग ने गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी तथा गोरखपुर जैसे संवेदनशील जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट पर रहने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
वर्षा और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले और तटीय इलाकों में एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविरों की स्थापना और आवश्यक खाद्य सामग्री का भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है। अधिकारियों ने तटीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम को सूचित करें।
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से धान की फसल को काफी लाभ पहुंचेगा, लेकिन जलभराव वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसानों को जल निकासी का उचित प्रबंध करने की सलाह दी गई है। प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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