Advertisement
कश्मीर के कुलगाम में चार दिन पहले दो प्रवासी मजदूरों की आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर नई रणनीति तैयार की है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि घाटी में अलग-अलग और असुरक्षित स्थानों पर रह रहे प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित क्लस्टरों में बसाया जाएगा। इसके अलावा, घाटी में आने वाले प्रत्येक नए मजदूर को स्थानीय पुलिस थाने में अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी, जिसके बाद पुलिस सुरक्षा सत्यापन करेगी।
प्रशासन का मुख्य फोकस बडगाम, अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा जैसे क्षेत्रों पर है, जहां बड़ी संख्या में ईंट-भट्ठों और बागानों में उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक काम करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मजदूर को व्यक्तिगत सुरक्षा देना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए उन्हें नामित सुरक्षित क्लस्टरों में ठहराने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि टारगेट किलिंग जैसी घटनाओं को रोका जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |