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देश में लगातार गरमाते पेपर लीक विवाद और भारी राजनीतिक दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना जारी था। इस्तीफे के बाद पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए कहा कि जो लोग दावा करते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, उन्हें जनभावनाओं के आगे झुकना ही पड़ा।
दूसरी तरफ, धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर दो पन्नों और 575 शब्दों की अपनी चिट्ठी साझा कर इस निर्णय की जानकारी दी। इस पत्र में उन्होंने अपनी सरकार के प्रयासों का बचाव करते हुए दो अलग-अलग जगहों पर यह आरोप भी लगाया कि कुछ असामाजिक व राजनीतिक तत्व देश के युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। इस बड़े फैसले के बाद अब नए शिक्षा मंत्री के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह सुधार होने तक उनकी नजर सरकार के कदमों पर बनी रहेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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