स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी 1450 गांवों की तस्वीर, 100 साल तक रहेगी सुरक्षित
कटनी जिले में बन रही स्लीमनाबाद टनल लगभग तैयार हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को परियोजना का निरीक्षण करते हुए इसे मध्यप्रदेश की इंजीनियरिंग उपलब्धि बताया। इस टनल के माध्यम से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। पहले जहां इस क्षेत्र में हर मिनट करीब 25 हजार लीटर पानी आता था, वहीं अब इस परियोजना के जरिए नर्मदा का पानी गंगा बेसिन से जुड़े इलाकों तक पहुंचाकर खेती को नई मजबूती मिलेगी।
करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में आधुनिक जर्मन तकनीक और टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई और कई तकनीकी चुनौतियों के बावजूद परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। लगभग 120 फीट तक भूमिगत बनी यह टनल भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने में सक्षम है और अगले 100 वर्षों तक सुरक्षित रहने के लिए डिजाइन की गई है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी और भविष्य में इंजीनियरिंग की केस स्टडी के रूप में भी देखी जाएगी।