ई-टोकन व्यवस्था से बढ़ी किसानों की परेशानी, बीना के किसानों को 150 किमी दूर मिला डीएपी का टोकन
बीना में डीएपी खाद वितरण के लिए शुरू की गई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सोमवार को बीना के लिए आई 70 टन डीएपी खाद का स्टॉक कुछ ही मिनटों में बुक हो गया, जबकि स्थानीय किसानों को टोकन नहीं मिल सके। कई किसानों के ई-टोकन 100 से 150 किलोमीटर दूर दमोह के तेंदूखेड़ा और विदिशा के ग्यारसपुर में बुक हुए। कुछ किसानों ने लंबी दूरी तय कर खाद प्राप्त की, जबकि कई मामलों में संबंधित विक्रेताओं ने स्टॉक खत्म होने की जानकारी दी, जिससे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा।
किसानों का कहना है कि पोर्टल पर जिला या तहसील स्तर की सीमा तय नहीं होने से दूसरे जिलों के किसान भी बीना का स्टॉक बुक कर लेते हैं। इससे स्थानीय किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं कृषि विभाग का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों की सुविधा के लिए दूसरे जिलों के विकल्प खुले रखे गए हैं। उप संचालक कृषि राजेश त्रिपाठी ने किसानों से डीएपी के बजाय उपलब्ध अन्य उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है, हालांकि किसानों की मांग है कि ई-टोकन प्रणाली में सुधार कर स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जाए।