भोपाल के वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि, अफ्रीकन स्वाइन फीवर के खिलाफ पहली स्वदेशी वैक्सीन तैयार
भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) के वैज्ञानिकों ने अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) से बचाव के लिए देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन एमए-104 विकसित की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में आयोजित ICAR स्थापना दिवस समारोह में इस वैक्सीन को राष्ट्र को समर्पित किया। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह वैक्सीन जीनोटाइप-2 वायरस के खिलाफ सुअरों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर संक्रमण से होने वाली मौतों को कम करने में मदद करेगी।
डॉ. अनिकेत सान्याल के नेतृत्व में विकसित इस वैक्सीन को भारत के सुअर पालन उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ICAR ने 43 नई फसल किस्में, 17 कृषि तकनीकें और 14 प्रकाशन भी जारी किए। इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान कृषि की आत्मा हैं और वैज्ञानिक उसका मस्तिष्क, जबकि ICAR के शोध और नवाचारों ने देश को कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।