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शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर आमरण अनशन मंगलवार को 17वें दिन में पहुंच गया। 28 जून से नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू किए गए इस अनशन के दौरान उनका वजन 67 किलोग्राम से घटकर 58.5 किलोग्राम रह गया है। वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने चिंता जताई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और लेखिका अरुंधति रॉय समेत कई लोगों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। वहीं, केजरीवाल ने 16 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर समर्थन देने की घोषणा की है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया कि सरकार वांगचुक की मांगों और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक की मांसपेशियां कमजोर होने लगी हैं और उनकी जान को खतरा है। दीपके के मुताबिक, जब उनसे अनशन खत्म करने का आग्रह किया गया तो वांगचुक ने कहा, "मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहो, सरकार से पूछो कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही है।"
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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