मेलबर्न में PM मोदी के कार्यक्रम पर विवाद, आयोजकों ने कांग्रेस के आरोपों को बताया निराधार
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस के उस आरोप को खारिज किया है, जिसमें दावा किया गया था कि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को पैसे देकर और चार्टर्ड विमान से बुलाया गया था। आयोजकों ने स्पष्ट कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह सामुदायिक सहयोग से आयोजित हुआ और इसमें शामिल होने के लिए किसी भी व्यक्ति को भुगतान नहीं किया गया।
इससे पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि 9 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में 25 से 30 हजार लोगों को पैसे देकर लाया गया था। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इसी तरह के दावे किए थे। हालांकि आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का खर्च न तो भारतीय जनता पार्टी, न भारत सरकार और न ही ऑस्ट्रेलिया सरकार ने उठाया, बल्कि इसे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के सहयोग से आयोजित किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को पत्र लिखकर आरोपों को वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के सम्मान और योगदान को ठेस पहुंचाते हैं। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब प्रधानमंत्री मोदी 9-10 जुलाई के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित कर चुके हैं।