एमपी में जेलकर्मियों को मिलेंगे 2-BHK आवास, 231 करोड़ के बजट को मंजूरी
मध्य प्रदेश सरकार ने जेलकर्मियों के लिए पहली बार 231 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बजट से आवास निर्माण योजना को मंजूरी दी है। योजना के पहले चरण में 50 करोड़ रुपये की लागत से 250 टू-बीएचके आवास बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव जेल विभाग के प्रमुख सचिव को भेजा गया है। अभी प्रदेश की अधिकांश जेलों में कर्मचारियों के लिए पर्याप्त आवास नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें निजी मकानों में रहना पड़ता है। नई योजना का उद्देश्य इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करना है।
पहले चरण में पन्ना, सीधी, अनूपपुर, श्योपुर, सीहोर, सिवनी और निवाड़ी सहित एक दर्जन से अधिक जिला और उप-जेलों में आवास बनाए जाएंगे। विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर उन स्थानों का सर्वे कराया है, जहां आवास उपलब्ध नहीं हैं या पुराने मकान जर्जर स्थिति में हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहले बजट उपयोग की कम दर के कारण नए निर्माण कार्यों को मंजूरी नहीं मिल रही थी, लेकिन पिछले वर्ष 92 प्रतिशत बजट खर्च कर विभाग ने अपनी रेटिंग में सुधार किया, जिसके बाद नए आवास निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया।