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एमपी में हर महीने 26% बिजली लाइन लॉस, ईमानदार उपभोक्ताओं पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
Electricity line losses , MP , financial burden

मध्य प्रदेश में बिजली चोरी और वितरण व्यवस्था की खामियों के कारण हर महीने बड़ी मात्रा में बिजली लाइन लॉस की भेंट चढ़ रही है। पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र के 22 जिलों में औसतन करीब 25 से 26 प्रतिशत बिजली का नुकसान हो रहा है, जिसका सीधा असर बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस नुकसान की भरपाई का बोझ अंततः नियमित रूप से बिजली बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ता है। बिजली कंपनी ने वर्ष 2026-27 में पूर्व क्षेत्र का लाइन लॉस 26.66 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है, जबकि मध्य क्षेत्र में यह फिलहाल 29.60 प्रतिशत और पश्चिम क्षेत्र में 12 प्रतिशत है।

 

लाइन लॉस कम करने के लिए बिजली कंपनी विकेंद्रीकरण योजना, वी-मित्र ऐप और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर काम कर रही है। चयनित वितरण केंद्रों में बिजली चोरी रोकने, मीटर रीडिंग की सटीकता बढ़ाने और बिलिंग व्यवस्था में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि 2028 तक लाइन लॉस कम कर बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी स्टाफ की पर्याप्त नियुक्ति, नियमित निरीक्षण, आधुनिक निगरानी प्रणाली और बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी जरूरी होगी।

Priyanshi Chaturvedi 13 July 2026

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