सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले याचिकाकर्ता पर नहीं होगी कार्रवाई, CJI सूर्यकांत का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेंच के सामने कागज फेंकने और अपशब्द कहने वाले एक याचिकाकर्ता के खिलाफ फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने लिया है। घटना के दौरान जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच सुनवाई कर रही थी। हंगामे के बाद सुरक्षाकर्मियों ने याचिकाकर्ता को कोर्टरूम से बाहर कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से एफआईआर दर्ज कराने का विकल्प होने के बावजूद ऐसा नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इस तरह की घटनाएं कई बार केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से की जाती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने से संबंधित व्यक्ति को अनावश्यक प्रचार मिल सकता है और उसका मकसद पूरा हो सकता है। इसी सोच के तहत सीजेआई ने मामले में आगे कोई कदम न उठाने का निर्देश दिया। जानकारी के मुताबिक, याचिकाकर्ता स्वयं अपना पक्ष रख रहा था और किसी वकील की ओर से उसका प्रतिनिधित्व नहीं किया जा रहा था।